Tuesday, December 6, 2011

NITISH CHALISA

राजनीतिशा
नीतीश के नेतृत्व में कल के बिहार की साँच I 
सत्य वचन मैं जो कहूं, नहीं साँच को आँच I
संजय संग आँख मूंद के कीजो नितीश में विश्वाश I 
सदा बिहार आगे रहे, पूरन हों सब काज II 


जय नितीश जय राजनीतिशा, नया बिहार नयी है आशा I  
रामलखन सुत मुन्ना प्यारा, मुखमंडल पर तेज है न्यारा I 
परमेश्वरी पुत्र मंजू पति प्यारा, जनता की आँखों का तारा I 
बख्तियारपुर निवासी डीग्री अभियंत्रण, बिहार प्रशाशन पर रखें नियंत्रण I 
नौकरी बुलावा कर्पूरी जी ने दीन्हा, छोड़ उसे जन सेवा प्रण लीन्हा I 
ड्रेस पजामा कुरता और बंडी, कड़क प्रशासन कोइ मारे न डंडी I 
चाल निराली वाणी अति सुन्दर, राजनीति के महा धुरंधर I 
विकासदूत अतुलित राजनेता, कलियुग में त्रेता के नेता I 
रूप नीतिशा अति सुहावे, देखन को लोग दौड़न आवें I 
बिहार प्रथम जहाँ महिला आरक्षण, गुंडे जेल भद्र पावें संरक्षण I 
पग धरें जहाँ लग जाए मेला, कर्पूरी और लोहिया के चेला I 
रोजगार श्रृजन से रुका पलायन, मानव रूप में साक्षात् नारायण I 
सुशासन नयी राह दिखाया, जात पात का भेद मिटाया I 
जच्चा बच्चा हुए सुरक्षित, बिटिया भी अब होवें शिक्षित I 
कोशी प्रलय काल जब आया, तारण बन वह दौरा आया I 
रक्षा कर जन प्राण बचायो, अन्न धन दे आस जगायो I 
विकास यात्रा से बिहार को नापा, विश्वाश यात्रा से चुनाव को मापा I 
विपक्षी पार्टी को धूल चटायो, जन जन के मन को हर्षायो I 
साध निशाना तीर चलायो, कीचड़ में भी कमल खिलायो I 
जनता सब तुम्हरे गुण गावें, दीन दुखी सब तुमको ध्यावें I 
महादलित के तुम रखवारे, नयी जिनगी दे प्राण उवारे I 
एक अणे मार्ग किये प्रवासा, प्रत्येक सोम जनता को आशा I 
जिनको भी दुःख कष्ट अति घेरे, दौड़े जनता दरबार में तोरे I 
कुशासन धुंध; सुशासन ने छांटा, डिरेल बिहार पटरी पर लौटा I 
बिहार पुरुष यह नितीश निराला, विकास पुरुष बन प्रदेश संभाला I 
छात्र छात्रा जो स्कूल भुलायो, साइकिल देहि डगर पर लायो I 
२४ घंटे अस्पताल खुलवायो, डॉक्टर हाजिर नित दिन आयो I 
मरीजों को मिले मुफ्त दवाई, नयी आश जन जन तक जाई I 
कन्या जन्म अब नहीं अभिशापा, धन मिले हर्षित माँ और पापा I 
सड़क बना कर बिहार बसाया, अंतर्राष्ट्रीय ख्याति पर लाया I 
पुल पुलियों से गाँव को जोड़ा, अंधकार को पीछे छोड़ा I 
क्राईम ग्राफ पर नीचे आया, बिहार बीहड़ था स्वर्ग बनाया I 
सुशासन से बिहार में आशा, जन मानस ने किया भरोसा I 
नीति नीतिशा सब जग छायो, सभी राज्य के नेता को भायो I 
कजरा कांड विपत्ति अति भारी, तुम्हरे ओर ताकें नर नारी I 
नीति सुघर था धीरज नहीं छोड़ा, सुशासन का वादा नहीं तोरा I 
विकास हो रहा हर पल पग पग, गाँव गाँव सड़क से जगमग I 
नीति विकास चहुँ ओर प्रकाशा, बिहारियों के तुम भाग्य विधाता I 
देख भ्रष्टाचार भ्रष्ट वैताला, त्योरी कुमार के भये विकराला I 
घूस-खोर सब थर थर काँपे, ज्यों नीतीश की मंशा भांपे I 
मिटे भ्रष्ट; मिटे भ्रष्टाचारी, निर्मल होबें तंत्र सरकारी I 
बड़ाई से मीडिया नहीं अघायो, 'श्रेष्ट मुख्यमंत्री' पारितोषिक लायो I 
फोर्ब्स इंडिया भी नहीं रूक पाया, 'वर्ष व्यक्ति' कह नीतीश को गाया I 
कन्ष्ट्रक्सन का बाढ़ है आया, नेशनल एवरेज भी शरमाया I 
चुनाव युध था रक्त अति रंजित, मन पर्व सा न रक्त न साजिश I 
वोट रिजल्ट सुन विपक्ष घबराया, किन्तु बराई से नहीं शरमाया I 
२०६ सीट अचरज नहीं भारी, वोट को आये असंख्य नर नारी I 
भारत में यह जीत अति भारी, इतिहास में जुरा एक पन्ना न्यारी I 
ज्यों जग पाए कार्य अधिकारा, नीति नितीश में नया सितारा I 
जो बिहार के तुम रखवारे, जन मानस सब होए सुखारे I 

भारत वोट इतिहास में, सबसे बड़ी यह जीत I 
जनता नाचे मगन में, विरोध हृदय में टीस I 
नीतीश वर्णन संभव नहीं, तुम नीति सं संपूर्ण I 
मैं मूरख देखत रहा, न हुआ राजनीतिशा पूर्ण I 




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