Tuesday, December 13, 2011

LOKPAL

Lokpal is very good for India. Everyone is today eyeing on it. Everyone is curious about it. Public would be benefited after its implementation.

But the question is, "Who will be the first sacrificial lamb after the implementation of LOKPAL?"

Tuesday, December 6, 2011

NITISH CHALISA

राजनीतिशा
नीतीश के नेतृत्व में कल के बिहार की साँच I 
सत्य वचन मैं जो कहूं, नहीं साँच को आँच I
संजय संग आँख मूंद के कीजो नितीश में विश्वाश I 
सदा बिहार आगे रहे, पूरन हों सब काज II 


जय नितीश जय राजनीतिशा, नया बिहार नयी है आशा I  
रामलखन सुत मुन्ना प्यारा, मुखमंडल पर तेज है न्यारा I 
परमेश्वरी पुत्र मंजू पति प्यारा, जनता की आँखों का तारा I 
बख्तियारपुर निवासी डीग्री अभियंत्रण, बिहार प्रशाशन पर रखें नियंत्रण I 
नौकरी बुलावा कर्पूरी जी ने दीन्हा, छोड़ उसे जन सेवा प्रण लीन्हा I 
ड्रेस पजामा कुरता और बंडी, कड़क प्रशासन कोइ मारे न डंडी I 
चाल निराली वाणी अति सुन्दर, राजनीति के महा धुरंधर I 
विकासदूत अतुलित राजनेता, कलियुग में त्रेता के नेता I 
रूप नीतिशा अति सुहावे, देखन को लोग दौड़न आवें I 
बिहार प्रथम जहाँ महिला आरक्षण, गुंडे जेल भद्र पावें संरक्षण I 
पग धरें जहाँ लग जाए मेला, कर्पूरी और लोहिया के चेला I 
रोजगार श्रृजन से रुका पलायन, मानव रूप में साक्षात् नारायण I 
सुशासन नयी राह दिखाया, जात पात का भेद मिटाया I 
जच्चा बच्चा हुए सुरक्षित, बिटिया भी अब होवें शिक्षित I 
कोशी प्रलय काल जब आया, तारण बन वह दौरा आया I 
रक्षा कर जन प्राण बचायो, अन्न धन दे आस जगायो I 
विकास यात्रा से बिहार को नापा, विश्वाश यात्रा से चुनाव को मापा I 
विपक्षी पार्टी को धूल चटायो, जन जन के मन को हर्षायो I 
साध निशाना तीर चलायो, कीचड़ में भी कमल खिलायो I 
जनता सब तुम्हरे गुण गावें, दीन दुखी सब तुमको ध्यावें I 
महादलित के तुम रखवारे, नयी जिनगी दे प्राण उवारे I 
एक अणे मार्ग किये प्रवासा, प्रत्येक सोम जनता को आशा I 
जिनको भी दुःख कष्ट अति घेरे, दौड़े जनता दरबार में तोरे I 
कुशासन धुंध; सुशासन ने छांटा, डिरेल बिहार पटरी पर लौटा I 
बिहार पुरुष यह नितीश निराला, विकास पुरुष बन प्रदेश संभाला I 
छात्र छात्रा जो स्कूल भुलायो, साइकिल देहि डगर पर लायो I 
२४ घंटे अस्पताल खुलवायो, डॉक्टर हाजिर नित दिन आयो I 
मरीजों को मिले मुफ्त दवाई, नयी आश जन जन तक जाई I 
कन्या जन्म अब नहीं अभिशापा, धन मिले हर्षित माँ और पापा I 
सड़क बना कर बिहार बसाया, अंतर्राष्ट्रीय ख्याति पर लाया I 
पुल पुलियों से गाँव को जोड़ा, अंधकार को पीछे छोड़ा I 
क्राईम ग्राफ पर नीचे आया, बिहार बीहड़ था स्वर्ग बनाया I 
सुशासन से बिहार में आशा, जन मानस ने किया भरोसा I 
नीति नीतिशा सब जग छायो, सभी राज्य के नेता को भायो I 
कजरा कांड विपत्ति अति भारी, तुम्हरे ओर ताकें नर नारी I 
नीति सुघर था धीरज नहीं छोड़ा, सुशासन का वादा नहीं तोरा I 
विकास हो रहा हर पल पग पग, गाँव गाँव सड़क से जगमग I 
नीति विकास चहुँ ओर प्रकाशा, बिहारियों के तुम भाग्य विधाता I 
देख भ्रष्टाचार भ्रष्ट वैताला, त्योरी कुमार के भये विकराला I 
घूस-खोर सब थर थर काँपे, ज्यों नीतीश की मंशा भांपे I 
मिटे भ्रष्ट; मिटे भ्रष्टाचारी, निर्मल होबें तंत्र सरकारी I 
बड़ाई से मीडिया नहीं अघायो, 'श्रेष्ट मुख्यमंत्री' पारितोषिक लायो I 
फोर्ब्स इंडिया भी नहीं रूक पाया, 'वर्ष व्यक्ति' कह नीतीश को गाया I 
कन्ष्ट्रक्सन का बाढ़ है आया, नेशनल एवरेज भी शरमाया I 
चुनाव युध था रक्त अति रंजित, मन पर्व सा न रक्त न साजिश I 
वोट रिजल्ट सुन विपक्ष घबराया, किन्तु बराई से नहीं शरमाया I 
२०६ सीट अचरज नहीं भारी, वोट को आये असंख्य नर नारी I 
भारत में यह जीत अति भारी, इतिहास में जुरा एक पन्ना न्यारी I 
ज्यों जग पाए कार्य अधिकारा, नीति नितीश में नया सितारा I 
जो बिहार के तुम रखवारे, जन मानस सब होए सुखारे I 

भारत वोट इतिहास में, सबसे बड़ी यह जीत I 
जनता नाचे मगन में, विरोध हृदय में टीस I 
नीतीश वर्णन संभव नहीं, तुम नीति सं संपूर्ण I 
मैं मूरख देखत रहा, न हुआ राजनीतिशा पूर्ण I